अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर योग के जरिये आदर्श समाज समिति इंडिया ने दिया दुनियां को शांति का संदेश

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर योग के जरिये आदर्श समाज समिति इंडिया ने दिया दुनियां को शांति का संदेश

सूरजगढ़(चंद्रकांत बंका) राष्ट्रीय साहित्यिक, सांस्कृतिक व सामाजिक संस्थान आदर्श समाज समिति इंडिया के तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर संस्थान के कार्यालय सूरजगढ़ में धर्मपाल गाँधी की अध्यक्षता व पतंजलि योग समिति के राज्य प्रभारी पवन कुमार सैनी के मुख्य आतिथ्य में शांति सभा का आयोजन किया गया। वीर तेजाजी विकास संस्थान के अध्यक्ष जगदेव सिंह खरड़िया, योगाचार्या रितु अग्रवाल, शिक्षाविद् मनजीत सिंह तंवर और इंद्र सिंह शिल्ला आदि विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में मौजूद रहे। योगाचार्य डॉ. प्रीतम सिंह खुगांई के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योगा खिलाड़ी सुदेश खरड़िया की टीम ने योग के जरिये दुनियां को शांति का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पवन कुमार सैनी ने योगासनों के जरिये शांति प्राप्त करने की विधि के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा- योग के माध्यम से शांति प्राप्त की जा सकती है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने हिंसा के दौर में पूरे विश्व को शांति का पाठ पढ़ाया, वे भी योगासनों के जरिये मन को एकाग्र व शांत रखते थे। योग से शरीर स्वस्थ रहता है और मन को शांति मिलती है। नियमित रूप से योगाभ्यास करने से तनाव, चिंता और अवसाद से लड़ने में मदद मिलती है। योग समग्र रूप से मन को शांत करने के लिए बहुत उपयोगी है। कई प्रकार के योगासनों का नियमित अभ्यास करने से मन को शांति अवश्य मिलती है। जाट महासभा के अध्यक्ष जगदेव सिंह खरड़िया ने अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस का महत्व बताते हुए कहा- विश्व शांति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिवस सभी देशों और लोगों के बीच स्वतंत्रता, शांति और खुशी का एक आदर्श माना जाता है। ‘विश्व शांति दिवस’ मुख्य रूप से पूरी पृथ्वी पर शांति और अहिंसा स्थापित करने के लिए मनाया जाता है। आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गाँधी ने अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस की शुभकामनायें प्रेषित करते हुए कहा- वर्तमान परिपेक्ष्य में विश्व में शांति स्थापित करना सबसे बड़ी चुनौती है। शांति के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। शांति, युद्ध की तरह मानव मन में उत्पन्न होती है, इसलिए शांति को वास्तविकता बनाने के लिए व्यक्ति का मन शांतिपूर्ण होना चाहिए; दूसरे शब्दों में आंतरिक शांति होनी चाहिए। योग आंतरिक शांति और खुशी की प्राप्ति में सहायक है। निस्संदेह, शांति की संस्कृति का निर्माण करना कठिन है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें वर्तमान शिक्षा प्रणाली में शांति शिक्षा को और अधिक स्पष्ट रूप से शामिल करने की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम में शांति को एकीकृत करने के विभिन्न तरीकों को भी अपनाया जाना चाहिए। हमारे घरों, स्कूलों और अन्य सभी संस्थानों को अधिक शांतिपूर्ण और शांति-उन्मुख बनाने के लिए सचेत और ठोस प्रयास किए जाने चाहिए ताकि शांति एक स्थायी उपस्थिति और अनुभवात्मक वास्तविकता बन जाये। कार्यक्रम में शामिल योगा खिलाड़ियों और अतिथियों का आदर्श समाज समिति इंडिया के द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम में राजेंद्र कुमार गांधी, डॉ. प्रीतम सिंह, रितु अग्रवाल, महेश कुमार शिल्ला, विकास कुमार, रणवीर सिंह ठेकेदार, शिवदान सिंह भालोठिया, सतीश कुमार, सुदेश खरड़िया, पिंकी नारनौलिया, धर्मपाल गाँधी, जगदेश सिंह खरड़िया, इन्द्र सिंह भोबियां, अंजू गांधी, विशाल बेरला, खुशी वर्मा वंदना बेरला, मोहित, हिमांशु, टीना बेरला आदि अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मनजीत सिंह तंवर ने किया। धर्मपाल गाँधी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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