जिला कलक्टर ने किया औचक निरीक्षण
आरसेटी, बाल सुधार गृह, अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में लिया व्यवस्थाओं का जायजा

जिला कलक्टर ने किया औचक निरीक्षण
आरसेटी, बाल सुधार गृह, अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में लिया व्यवस्थाओं का जायजा

झुंझुनूं, 5 सितंबर। जिला कलक्टर डॉ खुशाल ने मंगलवार को झुंझुनूं जिला मुख्यालय स्थित ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), बाल सुधार गृह और हाल ही में शुरु हुए अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। गौरतलब है कि आरसेटी राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गई भूमि पर केंद्र सरकार द्वारा लीड बैंक के जरिए संचालित संस्थान है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।

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एलडीएम और संस्थान के डायरेक्टर गोपाल प्रसाद ने इस दौरान संस्थान की गतिविधियों से जिला कलक्टर को अवगत करवाया। इस दौरान जिला कलक्टर ने प्रशिक्षु महिलाओं से भी संवाद किया। जिला कलक्टर ने प्रशिक्षु महिलाओँ को उज्जवल भविष्य शुभकामनाएं दी। जिला कलक्टर ने महिलाओं को ऑनलाईन मार्केटिंग और ई-कॉमर्स से जोड़ने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए।

इस दौरान बुहाना की रहने वाली प्रशिक्षु कविता और गुढ़ा पौंख की रिंकी ने जिला कलक्टर से अपने अनुभव साझा किए। जिला कलक्टर ने इस दौरान रसोईघर का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के दिशा-निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने एलडीएम को सफाई कर्मचारियों के वित्तीय साक्षरता के कैंप लगाने के निर्देश भी दिए। इस दौरान एएलडीएम संजय सैनी भी मौजूद रहे।

बाल सुधार गृह में सिखाई जा रही है फास्ट फूड कुकिंग ः
जिला कलक्टर ड़ॉ खुशाल ने इसके बाद बाल सुधार गृह का निरीक्षण किया, जहां चल रही फास्ट फूड कुकिंग की क्लास में भी हिस्सा लेते हुए किशोरों से संवाद करते हुए उनकी अभिरूचि जानी। उन्होंने फास्ट फूड कुकिंग में संभावनाओं के बारे में बताते हुए स्वरोजगार से सफलता के उदाहरण दिए। इस दौरान अपने पिछले दौरे में डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाने के बारे में दिए निर्देश का भी डॉ खुशाल ने फॉलोअप लेते हुए किशोरों से जानकारी ली।

उन्होंने अधीक्षक अंकित मील और बाल अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक पवन पूनिया के कार्य की तारीफ करते हुए यहां लाईब्रेरी को और अधिक विकसित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उपनिदेशक पवन पूनिया ने किशोरों की पढ़ाई के लिए स्थाई शिक्षक लगाने की मांग रखी, जिस पर जिला कलक्टर ने सकारात्मक आश्वासन दिया। जिला कलक्टर डॉ खुशाल ने यहां बने पालने के आगे साफ-सफाई कर टाईल्स लगवाने के निर्देश भी दिए।

अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का भी किया निरीक्षण, बंद पड़े कम्प्यूटर सिस्टम पर जताई नाराजगी ः
जिला कलक्टर डॉ खुशाल ने इसके बाद मंडावा रोड़ पर इसी सत्र से संचालित अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां कम्प्यूटर लैब में बंद पड़े कम्प्यूटर सिस्टर पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए इसे विद्यार्थियों के उपयोग में लाने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने इस दौरान विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी शिक्षा का स्तर और शिक्षा व्यवस्था के बारे में जाना। उन्होने शिक्षकों को सख्त हिदायत देते हुए व्यस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने विभागीय अधिकारियों को 3 सप्ताह का समय देते हुए सुधार के दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद जिला कलक्टर ने मंडावा मोड़ स्थित पर्यटन केंद्र का भी निरीक्षण कर व्यस्थाएं देखी। यहां पर्यटन संबधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक देवेंद्र चौधरी और जिला जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु सिंह को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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