Khatu Shyam Mandir Rajasthan | खाटू श्याम मंदिर आरती समय, इतिहास जाने

Khatu Shyam Mandir राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी का मंदिर केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी प्रसिद्ध है। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम महाराज का मंदर है जो बेहद फेमस है। इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के साथ पांडव पुत्र भीम के पोते बर्बरीक की पूजा अर्चना की जाती है। देश विदेश से बड़ी संख्या में लोग खाटू श्याम मंदिर पहुंचते हैं। पिछले कुछ सालों में खाटू श्याम जाने वाले भक्तों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

कौन हैं खाटू श्याम जी

खाटू श्याम जी असल में पांडवों में से भीम के पोते अर्थात घटोत्कच के बेटे हैं। जिनका असली नाम बर्बरीक है। खाटू नरेश जी की प्रसिद्धि का कारण महाभारत के युद्ध से ही जुड़ा है। पौराणिक कथा के अनुसार, महाभारत के युद्ध में हिस्सा लेने के लिए बर्बरीक ने अपनी माता से आज्ञा मांगी। तब उनकी मां ने यह कहते हुए उन्हें युद्ध में जाने की आज्ञा दी कि तुम युद्ध में हारे का सहारा बनना। तभी से खाटू श्याम हारे का सहारा कहलाने लगे।

खाटू श्याम मंदिर की वास्तुकला कौशल

सफेद संगमरमर से निर्मित यह मंदिर वास्तव में एक वास्तुशिल्प आश्चर्य है। भक्तों के बीच एक लोकप्रिय गंतव्य होने के अलावा, कई लोग मंदिर की संरचना की सुंदरता को आश्चर्य से देखने के लिए आते हैं। बड़े प्रार्थना कक्ष का नाम जगमोहन है और यह दीवारों से घिरा हुआ है जो विस्तृत रूप से चित्रित पौराणिक दृश्यों को चित्रित करता है। जबकि प्रवेश और निकास द्वार संगमरमर से बने हैं, जिनमें संगमरमर के ब्रैकेट हैं जिनमें सजावटी पुष्प डिजाइन हैं, गर्भगृह के शटर एक सुंदर चांदी की चादर से ढके हुए हैं जो मंदिर की भव्यता को बढ़ाते हैं। श्री श्याम मंदिर की स्थापना शिलालेख के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ला 3 संवत 1777 के दिन रखी गई, फाल्गुन शुक्ला 7 संवत 1777 को श्री श्याम जी सिंहासन में विराजमान हुए।

खाटू श्याम जी के मंदिर के पास कुंड में स्नान

मंदिर के पास एक पवित्र तालाब है जिसे श्याम कुंड कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यही वह स्थान है जहां से खाटू श्याम जी का सिर प्राप्त हुआ था। भक्तों के बीच एक लोकप्रिय धारणा यह है कि इस तालाब में डुबकी लगाने से व्यक्ति अपनी बीमारियों से ठीक हो सकता है और उसे अच्छा स्वास्थ्य मिल सकता है। भक्तिभाव से भरे लोगों का तालाब में डुबकी लगाना कोई असामान्य दृश्य नहीं है। यह भी माना जाता है कि हर साल आयोजित होने वाले फाल्गुन मेला महोत्सव के दौरान श्याम कुंड में स्नान करना विशेष लाभकारी होता है।

खाटू श्याम मंदिर में आरती

खाटू श्याम जी मंदिर में प्रतिदिन 5 आरतियाँ की जाती हैं। मंत्रोच्चार और आरती से उत्पन्न भक्तिपूर्ण माहौल और शांति अतुलनीय है, और यदि आप इस खूबसूरत मंदिर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपको इनमें से किसी एक आरती में शामिल होने का प्रयास करना चाहिए।

मंगला आरती: यह सुबह-सुबह की जाती है जब मंदिर भक्तों के लिए अपने द्वार खोलता है।
श्रृंगार आरती: जैसा कि नाम से पता चलता है, यह वह समय है जब खाटू श्याम जी की मूर्ति को आरती के साथ भव्य रूप से सजाया जाता है।
भोग आरती: दिन की तीसरी आरती, यह दोपहर के समय की जाती है जब भगवान को भोग या प्रसाद परोसा जाता है।
संध्या आरती: यह आरती शाम को सूर्यास्त के समय की जाती है।
शयन आरती: रात के लिए मंदिर बंद होने से पहले शयन आरती की जाती है।
इन सभी समयों में दो विशेष भजन गाए जाते हैं। ये हैं श्री श्याम आरती और श्री श्याम विनती।

राजस्थान में खाटू श्याम जी के मंदिर का समय (khatu shyam Mandir Timing)

सर्द ऋतु : मंदिर सुबह 5.30 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक और शाम 5.00 बजे से रात 9.00 बजे तक खुला रहता है
ग्रीष्म ऋतु: मंदिर सुबह 4.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक और शाम 4.00 बजे से रात 10.00 बजे तक खुला रहता है

श्याम भक्तों के लिए विशेष सूचना

11 मार्च रात्रि 10:00 बजे से 12 मार्च 6: 00 बजे तक श्याम मंदिर दर्शनार्थ बंद रहेगा

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