शहीद वीरांगनाओं का किया सम्मान

सैनिकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का प्रतीक हैं राज्य सरकार के सैनिक कल्याण निर्णय ः बाजिया

वीरांगनाओं का शॉल ओढाकर किया सम्मान

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झुंझुनूं : राज्य स्तरीय सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष रामसहाय बाजिया ने गुरुवार 31 अगस्त को कलक्टर सभागार में आयोजित सैनिक समीक्षा बैठक में पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा करते हुए पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में बाजिया ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने हमेशा सैनिक एवं उनके परिजनों का सम्मान किया है। देश की रक्षा करने वाले सैनिक को समाज सम्मान देता है और इसी भावना से सैनिक देश की रक्षा के लिए तत्पर रहता है। बाजिया ने राज्य सरकार द्वारा सैनिकों, सेवानिवृत सैनिकों एवं उनके परिजनों के लिए उठाए जा रहे कल्याणकारी कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि सैनिकों से संबंधित समस्याओं पर राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
बाजिया ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि राजस्थान के सैनिक के फिजिकल कैजुअल्टी में परिवार के एक व्यक्ति को अनुकंपा नौकरी, राजस्थान एक्स सर्विसमैन कॉर्पोरेशन के माध्यम से 45 प्रतिशत वेतन बढ़ाया है। राज्य सैनिक बोर्ड का भवन बनाने के लिए 20 करोड़ और 4000 वर्ग गज जमीन कालवाड़ रोड पर, सेकंड वर्ल्ड वार की वीर नारियों को पेंशन चार हजार से बढ़ाकर दस हजार महिना तथा इसमें शाहिद हुए सैनिकों के वारिसान को सरकारी नौकरी, सैनिकों के डाटा का डिजिटलीकरण, शहीदों को मिलने वाले पैकेज को 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने जैसे निर्णय मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा सैनिकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट के बाद सैनिकों की बहुत सारी विसंगतियां थीं, जिन्हें दूर किया गया है। पूर्व में किसी भी एग्जाम में 2 साल तक का टाइम रहता था, उसे 5 साल किया गया है। सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों के लिए 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य था, उसे 35 प्रतिशत कर दिया गया। इसे और भी कम करते हुए पर्याप्त संख्या में पूर्व सैनिक नहीं मिलने पर 30 प्रतिशत तक लाया गया है। उन्होंने कहा कि ऎसे में सभी को देश की रक्षा करने वाले सैनिकों तथा उनके परिवारजनों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से करना चाहिए। उन्होंने बैठक में जिले के सभी भूतपूर्व सैनिकों एवं शहीद आश्रितों को आश्वस्त किया कि उनकी लंबित समस्याओं का निराकरण प्रशासन के माध्यम से जल्द से जल्द किया जाएगा। बैठक में उपस्थित अधिकारियों, पूर्व सैनिकों की और से सुझाव भी दिए गए। इस दौरान जिला परिष्ज्ञद के सीईओ जवाहर चौधरी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल अनिल कुमार पूनियां, डीएसओ कपिल झाझडिया, नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनियां, पूर्व अधिकारी कमाण्डर परवेज अहमद, सीएमएचओ डॉ. राजकुमार डांगी सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

शहीद वीरांगनाओं का किया सम्मान ः एक दिवसीय दौरे पर झुंझुनू आएं राज्य स्तरीय सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष रामसहाय बाजिया ने सैनिक कल्याण अधिकारी कार्यालय के परिसर में आयोजित समारोह में भाग लिया। यहां पर उन्होंने शहीद वीरांगनाओं का शॉल ओढ़ाकर सम्मान भी किया। इस दौरान भूतपूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं ने अपनी समस्याओं से भी अवगत करवाया। कार्यक्रम में सुबे. मेजर रिसाल सिंह डोटासरा, संजीव जाखड़, समाजसेवी शिवकरण जानू, कर्नल नारायण सिंह जानू, कमाण्डर परवेज अहमद, कर्नल अनिक कुमार पूनियां, सुबे, मे. धर्मपाल भाम्बू, ताराचंद नूनियां, रामनिवास डूडी, प्रेम प्रकाश, बजरंग मील सहित बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक एवं शहीद वीरांगनाएें उपस्थित रही।

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