सेठ शिवदत्त राय स्कूल बड़ागाँव में महात्मा गाँधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर हुआ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

सेठ शिवदत्त राय स्कूल बड़ागाँव में महात्मा गाँधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर हुआ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

झुंझुनूं(चंद्रकांत बंका) अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के उपलक्ष में सेठ शिवदत्त राय सोंथलिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल बड़ागाँव में गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता धर्मपाल गाँधी की अध्यक्षता में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी और भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पतंजलि योग समिति के राज्य प्रभारी पवन कुमार सैनी व विशिष्ट अतिथि योगाचार्य डॉ. प्रीतम सिंह रहे। योगा खिलाड़ी सुदेश खरड़िया के नेतृत्व में आकाश योग केंद्र बलौदा के बच्चों ने योग कला का अद्भुत प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गाँधी ने अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस का महत्व समझाते हुए दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाने वाले सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गाँधी के जीवन दर्शन पर विचार व्यक्त करते हुए कहा- महात्मा गाँधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में एक सामान्य परिवार में हुआ था। इंग्लैंड से बैरिस्टर की पढ़ाई पूरी करने के बाद 23 वर्ष की उम्र में उनके क्रांतिकारी जीवन की शुरुआत हुई। उन्होंने अपने असाधारण कार्यों एवं अहिंसावादी विचारों से पूरे विश्व की सोच बदल दी। मानवाधिकार व भारत की आज़ादी और विश्व में शांति की स्थापना ही उनके जीवन का लक्ष्य था। महात्मा गाँधी ने शक्तिशाली ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका और भारत में कई ऐतिहासिक आंदोलनों का नेतृत्व किया। हिंसा के दौर में दुनिया को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया। आजादी की लड़ाई के दौरान महात्मा गाँधी ने लोगों को संघर्ष के तीन मंत्र दिये -सत्याग्रह, असहयोग और बलिदान। उन्होंने जीवन में कभी भी हिंसा का समर्थन नहीं किया। आज असहिष्णुता, कट्टरता, हिंसा और अशांति विकास और मानव कल्याण में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। लोकतंत्र में नागरिक शक्ति शैनः शैनः हाशिए पर पंहुच गई है। सैन्य शक्ति समाज और राष्टृ जीवन का अनुप्राण बन गई है। सैन्य और सुरक्षा खर्चों का बेतहाशा बढ़ता बोझ आर्थिक संकट पैदा कर लोकतंत्र को तानाशाही की तरफ खींच रहा है। आधुनिक भारतीय चिंतन प्रवाह में गाँधी के विचार सार्वकालिक हैं। वे भारतीय उदात्त सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत के अग्रदूत भी हैं और सहिष्णुता, उदारता और तेजस्विता के प्रमाणिक तथ्य भी। आज हमें गांधी जी के विचारों को ग्रहण की आवश्यकता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पवन कुमार सैनी ने जीवन में प्रार्थना व योग का महत्व समझाते हुए लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। संस्था प्रधान ओमप्रकाश महला के नेतृत्व में विद्यालय स्टाफ एवं स्कूल के छात्र-छात्राओं ने स्वच्छता अभियान के तहत पूरे गांव में रैली निकालकर श्रमदान करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गाँधी, सरपंच राजेंद्र सैनी, डॉ. प्रीतम सिंह खुगांई, प्रिंसिपल ओमप्रकाश महला, श्रवण कुमार सामोता, योग शिक्षक रामजीलाल, सुदेश खरड़िया, संदीप कुमार, विशाल बेरला, तनु शर्मा, प्रियांशु मेच्यू, टीना, हिमांशु, किशोरी लाल, सुरेन्द्र शेखावत, लाल चंद सैनी सहित गांव के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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